Monday, December 17, 2018

राहुल के बाद अब BJP के टारगेट पर सोनिया गांधी का गढ़

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को मिली हार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहली बार रायबरेली में जनसभा करने का मौका मिला है. यह जनसभा कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी के गढ़ रायबरेली में है. वैसे तो पीएम मोदी यहां विकास की कई परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास करने पहुंचे हैं, लेकिन उनके इस दौरे के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं.

हाल में संपन्न विधानसभा चुनावों को आगामी लोकसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा था. इन चुनावों के नतीजों में बीजेपी के हाथ से तीन राज्य की सत्ता जाती रही, तो वहीं दो अन्य राज्य में पार्टी कुछ खास नहीं कर पाई. लिहाजा बीजेपी और पीएम नरेंद्र मोदी का पूरा ध्यान अब आगामी लोकसभा चुनावों पर केंद्रित है. सीटों के लिहाज से सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को उसके ही घर में घेरने की कोशिश हो रही है.

बता दें कि तीन वाकयों-1977, 1996 और 1998 छोड़ दें तो रायबरेली की जनता ने हर चुनाव में कांग्रेस का साथ दिया है. बीते चार साल के दौरान बीजेपी की रणनीति कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी तक सीमित रही. जहां से पिछला चुनाव हारीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी लगातार दौरे करती रहीं और यहां के स्थानीय मुद्दों और विकास को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष को घेरती रहीं. लेकिन जब बात सोनिया गांधी की सीट पर अपने अभियान की शुरूआत पीएम मोदी स्वयं करने जा रहे हैं.

इससे पहले अप्रैल के महीने में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने रायबरेली में रैली की थी, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिनेश प्रताप सिंह बीजेपी में शामिल हुए थे. शाह की इस रैली को अब तक रायबरेली में की गई सबसे बड़ी रैली बताया जा रहा था. लेकिन रविवार को पीएम की रैली को और भव्य बनाने की तैयारी की जा रही है.

बीजेपी का दावा है कि रेल कोच फ्रैक्ट्री के मैदान में 2 लाख लोग शामिल होंगे.  बीजेपी नेता विजय बहादुर पाठक का कहना है कि  विगत वर्षों में पहली बार प्रधानमंत्री रायबरेली आ रहे हैं. कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने रायबरेली और अमेठी के विकास की लगातार अनदेखी की है. पीएम मोदी यहां विकास पर बात करेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रायबरेली स्थित मॉडर्न कोच फैक्ट्री की रोबोटिक लाइंस का मुआयना करेंगे. चार साल पहले तक इसकी पहचान महज कोच की साज-सज्जा करने वाले कारखाने के रूप में थी. लेकिन 2014 में सरकार ने जैसे ही इसे पब्लिक सेक्टर यूनिट का दर्जा दिया मेक इन इंडिया के तहत न केवल यहां बड़े पैमाने पर निवेश की शुरुआत हुई बल्कि मॉडर्न कोच फैक्ट्री का नया नाम देकर इसे अत्याधुनिक कोच कारखाने का दर्जा देने का कार्य प्रारंभ हुआ.

रायबरेली के दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रयागराज जाएंगे. जहां वे अकबर के किले में अक्षयवट के दर्शन करेंगे और संगम तट पर गंगा पूजन भी करेंगे. इसके बाद पीएम मोदी झूंसी के संत निरंकारी मैदान में एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे. जिसके बाद वे बमरौली एयरपोर्ट के नवनिर्मित टर्मिनल पहुंचेंगे और इसका उद्घाटन भी करेंगे.

Wednesday, December 5, 2018

वाराणसी के संकट मोचन मंदिर को उड़ाने की धमकी, 2006 से भी बड़ा धमाका करने की चेतावनी

वाराणसी के विश्व प्रसिद्ध संकट मोचन मंदिर को धमाके से उड़ाने की धमकी भरी चिट्ठी मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. चिट्ठी में 2006 में हुए धमाके से बड़ा धमाका करने की धमकी दी गई है.

संकट मोचन मंदिर के महंत प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र के मुताबिक सोमवार की रात एक धमकी भरी चिट्ठी मिली. जिसमें लिखा था कि मंदिर में मार्च, 2006 से बड़ा धमाका करेंगे. साथ ही धमकी को हल्के में न लेने की चेतावनी भी दी गई है.

मंगलवार देर रात प्रो. विश्वंभरनाथ मिश्र ने लंका थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई. इस चिट्ठी में दर्ज दोनों नामों जमादार मियां और अशोक यादव पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.

सात मार्च, 2006 को संकट मोचन मंदिर, कैंट स्टेशन और दशाश्वमेध घाट पर सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे. इन धमाकों संकट मोचन मंदिर में 7 और कैंट स्टेशन पर 11 लोगों की मौत हुई थी जबकि 100 से अधिक लोग घायल हुए थे.

उमा ने साफ किया कि इन डेढ़ साल के दौरान जब भी उनसे चुनाव प्रचार के लिए कहेगी, वह उसके लिए उपलब्ध रहेंगी. मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वह विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव पार्टी के निर्देश पर प्रचार में हिस्सा लेंगी.

उन्होने कहा कि इसके बाद ही वह राजनीति में एक्टिव होंगी. उमा भारती ने कहा कि सुषमा जी ने तो अभी बोला मैने डेढ़ साल पहले ही बोल दिया था. दोनों का कालखंड अलग-अलग है. आपको ऐसा क्यों लगता ही कि चुनाव लड़ना ही राजनीति है.

हाल ही में खत्म हुए मध्य प्रदेश के चुनावों में एक बार फिर से ईवीएम पर उठ रहे सवालों पर उमा भारती ने कहा कि एक बार चुनाव आयोग ने सभी दलों को बुलाया था और यह साबित करने को कहा था कि EVM में  टेंपरिंग कैसे होती है, लेकिन लोग गए ही नहीं. EVM को लेकर जो सवाल उठ रहे रहे हैं, चुनाव आयोग को उन्हें दूर करना चाहिए. दुनिया में कई देश ऐसे हैं जो टेक्नोलॉजी में हमसे आगे हैं लेकिन वहां EVM से वोटिंग नहीं होती.